इश्क़ Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 06, 2010 वो मेरा इंतिहा भी है, इब्तिदा भी. मुझमें मौजूद भी है, मुझसे जुदा भी. इश्क़ से बच सका है कौन, इसकी ज़द में इंसा भी है, ख़ुदा भी Read more
कब्रगाह Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 06, 2010 दबी कुचली सी हर चाह होती है. भटकी भटकी सी हर राह होती है. ग़रीब की आँखें आँखें कब होतीं हैं, ये तो ख़्वाबों की कब्रगाह होती है. Read more
हश्र - ए- इंसान Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 22, 2010 सितारे हँसतें हैं सितारों के हश्र पर. जो कभी अर्श पर, तो कभी फर्श पर. ज़मीन चीखती है, सुन ऐ मगरूर आदमी, हर जान चल रही है, अपने अपने कब्र पर. Read more
पैदाइश Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 21, 2010 नया - नया सा है दिन, किसी नए की तैयारी है. जो खुली आँखों में भी ख़्वाबों का आना जारी है. नए इरादों ने दस्तक दी है ज़ेहन पर, उम्मीद उम्मीद से है, दिल का पैर भारी है. Read more
ताल्लुकात Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 13, 2010 दूर मिलतें हैं ज़मीं-ओ-आसमां, ज़रूरी है. बना रहे उफ़क़ का गुमां, ज़रूरी है. क़रीब आते ही बढ़ जातीं हैं दूरियां, एक फासला हमारे दरमयां, ज़रूरी है. Read more
वो जो नहीं है Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 13, 2010 वो जो शब का माहताब था. और सहर का आफताब था. वर्क़ पूछतें हैं कि कहाँ गया, वो एक लफ़्ज़ किताब था ...फ़राज़ साहब के नाम. Read more
उम्मीद Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 13, 2010 ज़िन्दगी लम्हा दो लम्हा ठहरने तो दे. गिरह -ए- ग़म से उम्मीद का धागा सुलझने तो दे. यहीं कहीं है बहार राहत की, खारों से भरे शाखों को ज़रा बहकने तो दे. Read more