इश्क़ Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 06, 2010 वो मेरा इंतिहा भी है, इब्तिदा भी. मुझमें मौजूद भी है, मुझसे जुदा भी. इश्क़ से बच सका है कौन, इसकी ज़द में इंसा भी है, ख़ुदा भी Read more
कब्रगाह Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 06, 2010 दबी कुचली सी हर चाह होती है. भटकी भटकी सी हर राह होती है. ग़रीब की आँखें आँखें कब होतीं हैं, ये तो ख़्वाबों की कब्रगाह होती है. Read more