सूखा

लहू सूखकर जमा नसों में, कोई सरिया जैसे

बूढ़े हो गए सूखकर बच्चे, बढ़ी उमरिया जैसे

धरती सूखी, अम्बर सूखा, सूखा - सूखा सावन,

सूखी - सूखी मेरी सुराही, कोई दरिया जैसे.

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