ख़बर

वो संग सफ़र है, हमसफ़र नहीं है

सायेदार है बहुत मगर शजर नहीं है

यूं तो भरे रहतें हैं अख़बार मरने वालों से,

किसी उम्मीद का मरना मगर ख़बर नहीं है.

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