डाकिया Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 13, 2010 कुछ वादे, कुछ इरादे, कुछ शिकवे, कुछ शिकायत भेज दो.फिर से कोई पयाम -ए- मुहब्बत भेज दो.फिर बनाओ उसको अपने इश्क़ का डाकिया,फिर छिपाकर उस किताब में कोई ख़त भेज दो. Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
February 18, 2014 मखमली धूप में लिपटी दुनिया तेरे लम्स सी मुझे लगी दुनिया क़रीब है मेरे तिरी ही तरह तिरी ही तरह अजनबी दुनिया Read more
October 10, 2010 बस उस इक ख़ुशी की तलाश है. मुझे मेरी ज़िन्दगी की तलाश है. जानता हूँ जिसे मैं जन्मों से, उस अजनबी की तलाश है. Read more
November 25, 2010 यारा तेरे जूस्तजू मे, हो गया तुझसा हूबहू मै तुझे इश्क का खुदा बनाकर, करता हूँ अश्कों से वजू मैं, Read more
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